दशहरा

Date: 2 Oct 

        आस्योज सुदी दशमी को ” दशहरा ” होता है । घर के सभी लोग दशहरा की पूजा करते हैं । इस दिन सुबह दशहरा को चून से बनाया जाता हैं । इसके ऊपर नौ गोबर की टिकड़ी, 2 गोबर का ढक्कन दार हांडी बनाकर रखो I फिर दशहरा की जल, मोली, रोली, चावल, फूल, झुंवारा (जो नवरात्रा में उगाया है), दीपक, धुप, केला, सवा सेर चावल, मूली, ग्वार फली, गुड़ और दक्षिणा से पूजा करो । 1 हंडिया में तो रुपए, दूसरी में रोली, चावल, झुंवारा चढ़ा कर ढक्कन बंद कर दो । परिक्रमा दो । पूजा करने के बाद हंडिया में से रुपिया निकाल कर अलमारी में रख लो । आदमी लोग पुराना बसना में रोली, चावल, फूल, झुंवारा चढ़ाते हैं । आज के दिन दिवाली के लिए बही-खाता बनने दो । नील कंठ के दर्शन करो । रामचन्द्रजी का पूजन करो । खीर-पूड़ी की रसोई बनाओ । ब्राह्मण को खिलाओ ।