नवरात्रा

Date: 13 April 2021 – 21 April 2021

                चैत सुदी एकम से ” नवरात्रा ” शुरू होता है I एक काठ के पाटा पर या दिवाल पर घी और सिन्दूर से देवी मांडो या एक पाटिया पर देवीजी की तस्वीर रख लो I पाटा पर गणेशजी, नौग्रह और षोड़श मातृका बनाओ I पाटा पर आधी दूर में लाल, आधी में सफ़ेद कपड़ा बिछाओ I एक सुपारी को मोली से लपेट कर गणेश जी बनाकर, थोड़ा सा चावल रखो I सफ़ेद कपड़ा पर चावल से नौ कुड्डी बनाकर नौ ग्रह और लाल कपड़ा पर गेहूं से सोलह कुड्डी बनाकर षोड़श मातृका बनाओ I पाटा के बगल में मट्टी में झुंवारा के लिए गेहूं डालकर , उसके ऊपर कलश स्थापित करो I कलश में गंगाजल डालकर, पांच आम का पत्ता लगाकर, एक सराई में चावल डालकर कलश रखो और एक छोटा डाभ को मोली से लपेट कर सराई पर रखो I एक माटी के गमला में  झुंवारा उगाओ I इन सब की नौ दिन तक पूजा करो I जल, रोली, मोली, चावल, फूल, अबीर, गुलाल, सिन्दूर, धुप, दीपक, कपूर, लाल फूल की माला , प्रसाद, पान सुपारी, लौंग, इलायची, फल, दक्षिणा चढ़ाओ I ध्वजा और वस्त्र चढ़ाओ I लड्डू या पेड़ा से ज्योत लो I आरती करो I पंडित से नौ दिन तक  दुर्गाजी का पाठ कराओ I नौ दिन तक ब्राह्मण व कुंवारी कन्या को जिमाओ I जो नवरात्रा करता है वो नौ दिन तक एक समय खाता है I आठवे दिन देवीजी की कढ़ाई होती है I उस दिन सीरा, पूरी, चना का साग और रायता बनाकर देवीजी को भोग लगाओ I उस दिन ज्योत सीरा से लो I नौ कुंवारी कन्या को जिमाकर, टीका काढ़ कर दक्षिणा दो I जो कन्या नौ दिन तक रोज  जिमती है उसे नौ दिन की दक्षिणा और कपड़ा दो I नवरात्रा में कालीजी या देवीजी के मंदिर में जाकर पूजा करो I ऊपर लिखी पूजा की सामग्री, चूड़ी और नारियल चढ़ाओ I