
ऋषि पंचमी
Date: 11 Sep 2021
भादव सुदी पंचमी को ” ऋषि पंचमी ” का व्रत होता है । इस दिन सुबह गंगाजी की मिट्टी में गोबर, तुलसी के पेड़ की मिट्टी, पीपल के पेड़ की मिट्टी, गोपी चन्दन, तिल, आंवला, गंगाजल, गऊमूत्र मिला कर 108 बार हाथ धो । 108 ऊँग का दातन करो, 108 कुल्ला करो, 108 पत्ता ऊँग का सिर पर रखकर 108 बार लोटे से नहाओ । गंगाजी या घर पर नहाओ । फिर नया कपड़ा पहन कर पूजा करने बैठो । पहले गणेशजी, कलश, नव ग्रह, षोड़श मातृका की पूजा करो I पूजा की विधि ” नवरात्रा ” में लिखी है । इसके बाद सप्त ऋषि और अरुन्धती की पूजा करो । एक पाटा पर ऊन और कुशा मिलाकर सात ऋषि और अरुन्धती बना कर रखो । उनकी जल, मोली, रोली, पंचामृत, चन्दन, चावल, फूल, प्रसाद, फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची से पूजा करो । दक्षिणा चढ़ाओ । फिर कहानी सुन कर आरती करो । चार केला, घी, चीनी, रुपिया से बाना निकालकर ब्राह्मण को दे दो । एक समय खाना खाओ । अनाज, नमक, चीनी, दूध, दही, हल से जोती चीज नही खाते हैं ।