
सांपदा का डोरा लो
Date: 19 March 2022
चैत बदी एकम में सुबह ” संपदा का डोरा ” लेते हैं I होलिका दहन की अग्नि की लौ में दिखाई हुई कच्चे सूत से सांपदा माता का डोरा लेते हैं I सूत से सोलह तार का सोलह गाँठ का हल्दी से रंग के डोरी बनाते हैं I एक पाटा पर जल का लोटा रख कर रोली से साथिया कर के चावल चढ़ाते हैं I सोलह दाना नया जौ का हाथ में लेकर कहानी सुनते हैं I फिर डोरी गले में बाँध लेते हैं I जौ का दान उठा कर रख देते हैं I बैसाख में डोरा खोलते हैं I तब इसी दाना से अरग देते हैं I