
तुलसी विवाह
Date: 05 November 2022
कार्तिक सुदी ग्यारस को ” तुलसीजी का विवाह ” होता है । जो विवाह कराता है वो व्रत करता है । विवाह देव उठने के बाद करते हैं । तुलसी जी के गमला को चुन-गेरू से मांड कर, पंडित से पूछ कर विवाह संस्कार करा देते हैं । एक सुहाग पिटारी में एक साड़ी, ब्लाउज, मेहँदी, काजल, सिन्दूर, चूड़ा और आपका जो मन हो वो डाल कर चढ़ाएं ।